अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है |
लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है |
कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है |
ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है |
जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
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अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
अक्सर कई लोग उन लोगों के बीच बैठना पसंद करते है जो सिर्फ उनकी झूठी तारीफ करते है | लेकिन आप बस एक बार उनसे अपने लिए मदद की उम्मीद करके देखिएगा | आप खुद समझ जायेंगे की वो हमारे हितेषी है या नहीं |
नींम कड़वा जरुर होता है पर ज्यादातर बिमारियों में नीम हकीम है | कुछ लोग नीम की तरह होते है | लेकिन वो ही आपके सच्चे हितेषी भी होते है |
ऐसे लोगों से हमेशा आपको फायदा ही मिलता है |क्योंकि उनको जब आपकी बुराई करनी होती है तो वो आपके पीठ पीछे नहीं बोलेंगे | बल्कि वो आपके सामने ही आपकी बुराई कर देंगे | उनकी बातें बिलकुल खरी होती है |
अब में बुरे लोगों की बात करूँ तो वो नकारात्मक पहलुओं को तुरंत पकड़ते है और जब हम उनके साथ रहना शुरू करते है तो हमारे अन्दर भी वो ही नकारात्मक भाव पनपने लगते है |
हमारी सोच भी उन्ही के जैसी होने लगती है | क्योंकि एक दुसरे में घुलने-मिलने के लिए हमें भी उनके जैसा ही बनना पड़ जाता है | ये मानव की प्रकृति है की वो नकारात्मकता की ओर जल्दी ही आकर्षित हो जाता है | जिसका प्रभाव उन्हें तब दिखाई पड़ता है जब कोई उनकी आशाओं को रोंधकर उनसे आगे निकल जाता है |
कई बार तो इतनी देर हो चुकी होती है की मुकाम हाथ से पूरी तरह निकल जाता है | जो लोग मीठा बोलते है आपको उनसे सतर्क रहने की जरुरत है | हो सकता है की वो आपके हितेषी ना हो | मैं ये नहीं कहता की सभी लोग एक जैसे ही होते है | कुछ लोग आपकी परवाह करने वाले भी होंगे | इसी उम्मीद के साथ की आपको मेरे इस प्रेरणादायक लेख से कुछ सीखने को मिला | आप अपनी प्रतिक्रिया जरुर दे |
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