डोहून और शिन्यु —
दोनों हांजिन से बेहद प्यार करते हैं, लेकिन एक-दूसरे को दुश्मन मानते हैं।
उनमें खुला competing behavior है, पर अब हालात ऐसे हो गए हैं कि
उनकी सबसे बड़ी चिढ़ "यंगजे" बन गया है।
यंगजे —
उसे किसी और से मतलब नहीं,
वो सिर्फ हांजिन से जुड़ा हुआ है, उसी का ध्यान रखता है।
हांजिन भी हर बात में यंगजे की सुनता है,
जैसे वो उसका गार्जियन, बड़ा भाई, या सिर्फ उसका "everything" हो।
डोहून और शिन्यु अब बर्दाश्त की हद से बाहर हैं।
हर बार जब वे हांजिन से थोड़ा करीब आते हैं,
यंगजे बीच में आकर हांजिन से चिपक जाता है,
और हांजिन बिना एक सवाल किए यंगजे की ही तरफ लौट जाता है।
अब इस मोमेंट पर मैं एक अगला सीन लिखता हूँ —
जहाँ डोहून और शिन्यु दोनों पागलपन की हद तक गुस्से में हैं,
और दोनों एक ही समय यंगजे से टकरा जाते हैं।
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सीन टाइटल: “अब बहुत हो गया”
स्थान: कंपनी डांस स्टूडियो — अभ्यास के बाद का समय।
हांजिन शीशे के सामने स्ट्रेच कर रहा है।
यंगजे उसके पास खड़ा है, उसका टॉवल पकड़ा रहा है, बोतल खोल रहा है, कंधे दबा रहा है।
अचानक दरवाज़ा खुलता है —
डोहून आता है, चेहरा गुस्से से तना हुआ।
पीछे से शिन्यु भी आता है, और दोनों की नज़र सीधी हांजिन-यंगजे पर जाती है।
यंगजे, हमेशा की तरह, हांजिन से बिल्कुल सटा हुआ है।
डोहून चीखता है:
“क्या हर बार तुम उसके ऊपर चिपकना ज़रूरी समझते हो?”
हांजिन चौंकता है, यंगजे भी।
शिन्यु आगे बढ़ता है:
“तुम्हें लगता है हम दिखते नहीं? हम देख नहीं रहे कि तुम उसे हमसे दूर कर रहे हो?”
यंगजे गुस्से से कहता है:
“वो मुझ पर भरोसा करता है। और मैं सिर्फ उसकी देखभाल कर रहा हूँ।”
डोहून: “तुम उसे खुद के अलावा किसी के करीब आने नहीं देते।
क्यों? डर है कि कहीं वो तुम्हारे बिना भी ठीक रहने लगे?”
शिन्यु का तंज:
“तुम्हारा प्यार नहीं, पजेसिवनेस है, यंगजे।”
हांजिन गुस्से में उठता है:
“बस करो तुम लोग! ये मेरी ज़िंदगी है। मैं जिसे सुनना चाहूँ, वो मेरा हक़ है।”
डोहून और शिन्यु दोनों एक पल को चुप हो जाते हैं।
लेकिन उनकी नज़रें अब भी यंगजे पर हैं — जलती हुई, टूटी हुई।
यंगजे हांजिन का हाथ पकड़ता है और कहता है:
“मैं बस तुम्हारा भला चाहता हूँ।”
हांजिन धीरे से सिर हिलाता है।
और दोनों साथ बाहर चले जाते हैं…
पीछे रह जाते हैं —
डोहून और शिन्यु,
दो दिल… जो नफरत में भी एक जैसे धड़कते हैं।
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