What is मशीन लर्निंग

आज के समय में टेक्नोलॉजी बहुत ही एडवांस हो रही है, और ऐसे में मशीन लर्निंग एक अनूठा उपहार हैं। आपको बता दे कि यह एक ऐसी प्रकार की लर्निंग है जिसमें मशीन खुद से बहुत सी चीज़ें आसानी से सिख लेती है, और बिना उसे किसी तरह के एक्सप्लीकिटी प्रोग्राम दिए। यह एक प्रकार का एप्लीकेशन होता है जो कि Artificial Intelligence के माध्यम से सिस्टम को यह एबिलिटी प्रदान करता है, जिससे वह आसानी से ऑटोमेटिकली अपने एक्सपीरियंस से लर्न करने लगता है, और उसे इंप्रूव करता है। आज के समय मे बहुत लोग इंटरनेट पर टाइप करके सर्च करने के बजाय बोलकर सर्च करना पसंद करते हैं जो की काफी आसान है, शायद आपके मन में ये प्रश्न आया हो की मेरे बोलने से ये मशीन सिस्टम कैसे इतना सटीक जवाब दे सकता हैं? तो आइये जानते है इसका सम्बंध मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से है। इस पोस्ट मे मशीन लर्निंग के बारे मे जानेंगे। तो आइए हम इस पोस्ट में मशीन लर्निंग के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है।

 

मशीन लर्निंग क्या है 

मशीन लर्निंग यह एक प्रकार का एप्लीकेशन होता है जो कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस होता है, और यह सिस्टम को एबिलिटी प्रदान करता है की जिससे वह ऑटोमेटिकली वर्क करता है, और जरूरत पड़ने पर खुद को इंप्रूव करता हैं। और ऐसा करने के लिए वो अपने एक्सपीरियंस को ही काम में लाता है न की उन्हें एक्सपिलिसिट प्रोग्राम की आवश्यकता होती है। मशीन लर्निंग हमेशा कंप्यूटर प्रोग्राम के डेवलपमेंट पर फोकस कृत है, जिससे वह डेटा को आसानी से एक्सेस प्रदान करता है, फिर बाद में उसे खुद के लर्निंग के लिए उपयोग में लाता है। आपको बता दे कि इसमें लर्निंग मशीन के ऑब्जर्वेशन से शुरू होता है, उदहारण के लिए Direct experience, या फिर Instruction, Data में patterns को ढूंडना तथा भविष्य में बेहतर और सही डिसीजन ले सके।

 

आज के समय में मशीन लर्निंग का मुख्य लक्ष्य और काम होता है कि कैसे कंप्यूटर ऑटोमेटिकल लर्न करे बिना किसी ह्यूमन इंटरवेंशन या एसिस्टेंस को उस computers हिसाब से एडजस्ट किया जा सकता हैं।।

 

मशीन लर्निंग के प्रकार क्या हैं

आज के समय में मशीन लर्निंग को अक्सर इस बात से वर्गीकृत या बांटा जाता है कि कैसे एक एल्गोरिथ्म अपनी भविष्यवाणियों में अधिक सटीक बनना सीखता है, ताकि भविष्य में किसी तरह की समस्या न आए। मशीन लर्निंग के चार बुनियादी दृष्टिकोण हैं जिनमें पर्यवेक्षित शिक्षण, अनुपयोगी शिक्षण, अर्ध-पर्यवेक्षित शिक्षण तथा सुदृढीकरण शिक्षण आदि शामिल है। एल्गोरिथम डेटा साइंटिसिट किस प्रकार का उपयोग करना चुनते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस प्रकार के डेटा की भविष्यवाणी करना चाहते हैं।

• सुपरवाइज्ड लर्निंग: आपको बता दे कि इस प्रकार की मशीन लर्निंग में, डेटा साइंटिस्ट लेबल किए गए प्रशिक्षण डेटा के साथ एल्गोरिदम की आपूर्ति करते हैं तथा उन चरों को परिभाषित करते हैं जो कि वह एल्गोरिदम को सहसंबंधों के आकलन के लिए चुना रहता है, और एल्गोरिथ्म के इनपुट तथा आउटपुट दोनों आसनी से निर्दिष्ट होता है।

 

• अनसुपरवाइज्ड लर्निंग: 

इस प्रकार की मशीन लर्निंग में अक्सर एल्गोरिदम शामिल होते हैं जो बिना लेबल वाले डेटा पर प्रशिक्षित रहता है, और आसानी से एल्गोरिथ्म डेटा सेट के माध्यम से किसी भी सार्थक कनेक्शन की तलाश में स्कैन करता है। जो कि डेटा एल्गोरिदम को प्रशिक्षित करने का काम करता है तथा इसके साथ ही उनके द्वारा दी जाने वाली भविष्यवाणियों या सिफारिशों को पूर्व निर्धारित किया जाता है।

 

• अर्ध-पर्यवेक्षित शिक्षा: 

आज के समय में मशीन सीखने के इस दृष्टिकोण में दो पूर्ववर्ती प्रकारों का मिश्रण शामिल रहता है, और जो कि डेटा साइंटिस्ट एक एल्गोरिथम को ज्यादातर लेबल वाले प्रशिक्षण डेटा को फीड कर सकते हैं, पर मॉडल अपने आप डेटा का पता लगाने तथा डेटा सेट की अपनी समझ विकसित करने के लिए स्वतंत्र रहता है।

 

• सुदृढीकरण सीखना :

आज कल डेटा साइंटिस्ट आमतौर पर एक बहु-चरणीय प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक मशीन को पढ़ाने के लिए सुदृढीकरण सीखने का उपयोग करते हैं, जिसके लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित नियम बनाए गए है, और डेटा वैज्ञानिक किसी कार्य को पूरा करने के लिए एक एल्गोरिदम प्रोग्राम करते हैं तथा इसे सकारात्मक या फिर नकारात्मक संकेत प्रदान करने का काम करता है, क्योंकि यह काम करता है कि किसी कार्य को कैसे पूरा किया जाए। पर अधिकांश भाग के लिए आज भी एल्गोरिथ्म अपने आप यह तय किया जाता है कि रास्ते में क्या कदम उठाना पड़ेगा।

 

मशीन लर्निंग कैसे काम करता है : (How to work Machine Learning)

आज के समय में मशीन लर्निंग को डेटा साइंटिस्ट को एल्गोरिथम को लेबल किए गए इनपुट तथा वांछित आउटपुट दोनों के साथ प्रशिक्षित करने की जरूरत पड़ता है, और आज के समय में पर्यवेक्षित शिक्षण एल्गोरिदम निम्नलिखित कार्यों के द्वारा सत्यापित होता है–

 

• बाइनरी वर्गीकरण : इसके माध्यम से डेटा को दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है।

• बहु-श्रेणी वर्गीकरण : इसके माध्यम से दो से अधिक प्रकार के उत्तरों के बीच चयन करने की सलाह दिया जाता है।

• प्रतिगमन मॉडलिंग : इसके माध्यम से निरंतर मूल्यों की भविष्यवाणी किया जाता है।

• समेकन: इसके माध्यम से एक सटीक भविष्यवाणी करने के लिए कई मशीन लर्निंग मॉडल की भविष्यवाणियों का संयोजन किया जाता है।

 

मशीन लर्निंग का भविष्य :

यदि हम बात करे मशीन लर्निंग की तब इसका भविष्य बहुत ही अच्छा है, और यह उन टेक्नोलॉजी में से एक है जिनकी लिमिट हम जैसे इन्सान ही तय करते हैं, और इसका कहने का अर्थ यह है की हमारा जितना बड़ा इमेजिनेशन होगा उतना ही हम मशीन लर्निंग का उपयोग अपने कार्यों के लिए कर सकते हैं। पहले हम बहुत से चीजों को सोचते थे वह भविष्य में नही होगा, पर आज वह सभी सच हो रहा है, और सभी चीजे व्यवस्थित होने लगा है। 

 

आज के समय में हम मशीन लर्निंग में इतने डिपेंट हो गए है, कि हम मशीन लर्निंग के बिहाइंड सोच ही नहीं सकते है, सब काम मशीन लर्निंग के माध्यम से हो रहा हैं। टेक्नोलॉजी में जो ग्रोथ समय के साथ देखने को मिला है वह सब मशीन लर्निंग का कमाल है, और भविष्य में भी टेक्नोलॉजी के माध्यम से नए आयाम 

 

AI दो शब्द Artificial तथा Intelligence से बना है, और Artificial का अर्थ होता है, जिसे इंसानों के द्वारा बनाया गया हो, और वहीँ Intelligence का अर्थ होता है की सोच पाने की क्षमता होता है। AI को सिस्टम में इंप्लीमेंट किया जाता है।

 

मशीन लर्निंग एक प्रकार का लर्निंग होता है जिसमें मशीन खुद ही अपने आप लर्न करता है, और बिना एक्सप्लिसिटली प्रोग्राम होता है। और यह एक प्रकार का एप्लीकेशन होता है AI जो सिस्टम को एबिलिटी प्रदान करता है जिससे वो ऑटोमेटिकली काम करता है, और अपने एक्सपीरियंस को इंप्रूव करता है।

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