साल 2018 में भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार आमने – सामने की लड़ाई सीपीएम को हराकर कोई राज्य जीता था। त्रिपुरा की दशकों पुरानी सीपीएम सरकार को हटाकर बीजेपी ने अपनी सत्ता स्थापित की थी। साल 2023 में त्रिपुरा में भी चुनाव होने जा रहा है। हालांकि, यहां भी बीजेपी के सामने चुनौतियां कम नहीं है। चुनावी साल से एक साल पहले बीजेपी को यहां अपना मुख्यमंत्री बदलना पड़ा। बिप्लब देब की जगह माणिक साहा को इस साल मई में त्रिपुरा का नया मुख्यमंत्री बनाया गया था। बीजेपी के सामने अपनी सत्ता बरकरार रखने की चुनौती होगी। इसके अलावा मेघालय, नागलैंड और मिजोरम में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। मेघालय और नागलैंड में बीजेपी बतौर सहयोगी सरकार में शामिल है। वहीं, मिजोरम में मिजो नेशनल फ्रंट की सरकार है।
साल 2019 में राज्य से केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए जम्मू कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। डीडीसी चुनावों के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव कराने पर गंभीरता से विचार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, अगले साल के अंत तक चुनाव हो सकता है। हालांकि, अभी तक केंद्र की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं है।
10 राज्यों में लोकसभा सीटें
इन 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की सत्ता का सेमीफाइनल इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि यहां 100 से अधिक लोकसभा सीटें हैं। मध्य प्रदेश – 28 सीट, राजस्थान – 20 सीट, छत्तीसगढ़ – 11 सीट, कर्नाटक – 28 सीट, तेलंगाना – 17 सीट, त्रिपुरा – 2 सीट, मेघालय – 2 सीट, मिजोरम – 1 सीट, नागालैंड – 1 सीट और जम्मू कश्मीर – 5 सीट।
गुजरात में भले ही भाजपा जीत गई, लेकिन आम आदमी को मिले 12 फीसद वोट उसे खटक रहे हैं। वहीं हिमाचल में वोट प्रतिशत का फासला सिर्फ 1 फीसद है, इसलिए भाजपा को चिंतित नहीं होना चाहिए। परंतु वह यहां भी चिंतित है। इसकी वजह साफ है। भाजपा ने इन चुनावों से जीत का जश्न नहीं चुना बल्कि आने वालों चुनावों में राजनीतिक भूकंपों की आहट को सुना। भाजपा केंद्र में बनी रह सकती है, लेकिन राज्यों में वह भयभीत है।
वर्ष 2023 में 9 राज्यों में चुनाव होंगे, जिनमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक जैसे बड़े और प्रभावशाली राज्य भी शामिल हैं। इन तीन बड़े राज्यों में 81 लोकसभा सीटें आती हैं। यह लोकसभा की कुल सीट का 15.68 फीसद हिस्सा है। इनमें से 77 भाजपा 1 उसके सहयोगी की मिलाकर कुल 78 सीटों पर भाजपी ही विराजमान है।
इनके अलावा वर्ष 2023 में मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मिजोरम, तेलंगाना में भी चुनाव हैं। इन राज्यों में लोकसभा की 34 सीटें हैं, जो कुल सीटों का 6.26 फीसद हैं। इनमें से भाजपा के खाते में अभी 16 सीटें हैं। जबकि 3 उसके सहयोगियों के पास हैं। यानि 19 सीटों पर गठबंधन के रूप में भाजपा काबिज है। वर्ष 2023 में होने वाले 9 राज्यों में 115 लोकसभा सीटें हैं। इनमें से भाजपा के पास अभी 97 हैं। 115 सीटें लोकसभा में बहुमत की 42.27 फीसद हैं।
फिलहाल भाजपा इन 115 में से 97 पर काबिज है, यानि 84.34 फीसद सीटों पर। जबकि यह लोकसभा में भाजपा के बहुमत में 17.86 फीसद का योगदान करती हैं। इसलिए भाजपा के सामने 2023 में हासिल से ज्यादा खोने का भय है। पार्टी गुजरात के नतीजों से उत्साहित है, लेकिन वह 2023 के चुनावी राज्यों में अपने प्रदर्शन को लेकर अतिरिक्त सतर्क नजर आ रही है।
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