What Cryptocurrency is Legal? Understand the meaning of government's decision on Crypto Currency..

अब भारत में डिजिटल करेंसी से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अब अगर कोई व्यक्ति किसी डिजिटल करेंसी में 100 रुपये निवेश करता है और उसे इस पर 10 रुपये का फायदा होता है, तो उन 10 रुपये में से 3 रुपये उसे टैक्स के रूप में सरकार को देने होंगे.

 

नई दिल्ली: मंगलवार को जब वित्त मंत्र निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया तब एक प्वॉइंट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. वो है डिजिटल करेंसी या Crypto Currency पर सरकार द्वारा लगाया गया नया टैक्स. अब भारत में डिजिटल करेंसी से होने वाली कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि अब अगर कोई व्यक्ति किसी डिजिटल करेंसी में 100 रुपये निवेश करता है और उसे इस पर 10 रुपये का फायदा होता है, तो उन 10 रुपये में से 3 रुपये उसे टैक्स के रूप में सरकार को देने होंगे.

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सरकार लेगी TDS

इसके अलावा डिजिटल करेंसी के हर एक ट्रांजैक्शन (Transaction) पर अलग से एक प्रतिशत TDS सरकार को देना होगा. मान लीजिए, किसी व्यक्ति ने किसी डिजिटल करेंसी में निवेश किया हुआ है. ये निवेश उसका Asset है. अब अगर ये व्यक्ति इस Asset को किसी और को ट्रांसफर करता है, तो उसे अलग से उस Asset की कुल कीमत पर 1% के हिसाब से TDS चुकाना होगा. TDS का मतलब होता है Tax deduction at source. यानी वो टैक्स, जो किसी Source पर लगाया जाता है. जैसे आपको हर महीने मिलने वाली तनख्वाह पर सरकार जो टैक्स लेती है, वो TDS होता है. यानी कुल मिलाकर सरकार डिजिटल करेंसी को एक इनकम Source मान रही है और इसकी कमाई पर 30 प्रतिशत टैक्स भी लगा दिया गया है.

क्या वैध है क्रिप्टो करेंसी?

बहुत सारे लोगों के मन में ये सवाल है कि क्या सरकार ने डिजिटल करेंसी पर टैक्स लगा कर इसे लीगल कर दिया है? तो इसका जवाब हां और नहीं दोनों में है. दरअसल, सरकार केवल उसी डिजिटल करेंसी को लीगल यानी वैध मान रही है, जो करेंसी Reserve Bank of India द्वारा जारी की जाएगी. इसका मतलब ये हुआ कि अभी जो Crypto Currency है, जैसे Bitcoin, उसे डिजिटल करेंसी नहीं माना जाएगा. बल्कि उसे डिजिटल Asset माना जाएगा. अगर आपको ये सब जटिल लग रहा है तो इसे ऐसे समझिए कि आप जो सोना खरीदते हैं या जो आपका घर है, वो आपके Assets हैं. यानी आपकी सम्पत्ति है, ना कि ये करेंसी है. ठीक इसी तरह Crypto Currency भारत सरकार के लिए एक Asset होगी, और इस पर लोगों से टैक्स वसूला जाएगा. इसलिए अगर आप ये सोच रहे हैं कि Bitcoin जैसी डिजिटल करेंसी को लीगल मान लिया गया है तो ये तकनीकी तौर पर बिल्कुल सही नहीं होगा. हालांकि, लोग इसमें निवेश कर सकेंगे.

टैक्स के पीछे ये है सरकार की मंशा

अभी अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, Netherlands और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में डिजिटल करेंसी पर इसी तरह से वहां की सरकारें टैक्स लगाती हैं, जिसकी वजह से इन देशों में इस करेंसी को लीगल यानी वैध माना जाता है. हालांकि कुछ देशों में इस पर अपवाद की भी स्थिति है. भारत सरकार के इस फैसले के पीछे एक बड़ी वजह ये हो सकती है कि, हमारे देश में जितने लोगों ने Crypto Currency में निवेश किया है, वो देश की आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हैं. इन लोगों ने अपने 70 हजार करोड़ रुपये इस समय ऐसी Digital Currency के रूप में दांव पर लगाए हुए हैं. पूरी दुनिया में Crypto Currency का इस्तेमाल करने के मामले में भारतीय सबसे आगे हैं. सरल शब्दों में कहें तो ये 30 प्रतिशत टैक्स, सीधे तौर पर 70 हजार करोड़ रुपये के निवेश को एक गारंटी देगा और हो सकता है कि भारत में इसका इस्तेमाल बढ़ जाए. दूसरी बात, सरकार ये जानती है कि उसके इस फैसले के बाद लोग डिजिटल करेंसी में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे. इसलिए उसने एक और विकल्प तैयार किया है.

RBI लॉन्च करेगा अपनी करेंसी

इसके तहत वर्ष 2023 तक Reserve Bank of India यानी RBI अलग से अपनी डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगा, जो बाकी करेंसी के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और स्थिर होगी. सरल भाषा में कहें तो जैसे RBI, कागज की करेंसी छापता है, ठीक वैसे ही उसकी मुहर वाली डिजिटल करेंसी भी आ जाएगी, जिससे लोग इसमें निवेश कर पाएंगे. इस बजट में एक और बात पर ज्यादा लोगों ने ध्यान नहीं दिया और वो ये है कि, अगर कोई व्यक्ति, किसी दूसरे व्यक्ति को बतौर Gift डिजिटल करेंसी भेजता है, तब ऐसी स्थिति में जिस व्यक्ति को ये करेंसी मिलेगी, उसे 30 प्रतिशत टैक्स भरना ही होगा.

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