Motivation वह शब्द है, जिससे शायद कोई अनभिज्ञ हो। यदि सीधे तौर पर कहा जाए तो एक ऐसा शब्द जिसके द्वारा निराश, मन के हारे लोगों को दुबारा ऊर्जावान बनाया जाता है उसे motivation या हिंदी में प्रेरणा कहा जाता है।
प्रेरणा वह शक्ति है जिसके द्वारा एक अच्छे समाज का निर्माण होता है। यह बात और है कि जो अपने आप को खुद ही न बदलना चाहे उसे कोई भी नहीं बदल सकता।
जीवन में जो जितना सीखा उतना ही कम है। जिंदगी हर पल हर लम्हा कुछ न कुछ सिखाती ही रहती है। जो सीखता रहा वही महान है और जिसमें सीखने की इच्छा मर चुकी है उसे प्रेरणादायक कहानियों या शब्दों के माध्यम से अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
10 प्रेरणादायक शब्द निम्नलिखित है।
1: संघर्ष कीजिए- जो संघर्ष करता है वह खिलाड़ी बनता है और आराम करने वाले तमाशा देखने तक सीमित रह जाते हैं। अब आपको सुनिश्चित करना है कि आप खेल देखेंगे या खिलाड़ी बनेंगे। मै तो यही कहूंगा कि संघर्ष कीजिए और कठिनाइयों का सामना कीजिए।
2: अपने लक्ष्य की तरफ दौड़िए- जब व्यक्ति तरक्की की राह को चुन लेता है तब उसके मन में नकारात्मक सोच भी उत्पन्न होती है ! सच्चाई तो यह है कि वही नकारात्मक सोच ही उसके मन को विचलित करती है।
इसलिए कोई कार्य करने से पहले उसके अच्छे बुरे, हानि लाभ के बारे में अच्छी तरह से सोच समझ ले। जब विश्वास हो जाए कि मै सही दिशा में हू तब अपने लक्ष्य को ध्यान में रखिए जैसे कि आप अपने लक्ष्य का बहुत नजदीक हैं।
3: किसी की परवाह न करें- आज के समय में कोई किसी को सुखी नहीं देखना चाहता है और लोग नकारात्मक बाते कहकर आपके मनोबल को कम करने का प्रयास करेंगे इसीलिए किसी की बातों पर ध्यान मत दीजिए। अपना काम किजिए।
4: अहंकार मनुष्य का शत्रु है- अहंकारी व्यक्ति किसी का कुछ बुरा नहीं कर सकता बल्कि वह अपना ही नुकसान कर रहा होता है। इसलिए सबसे विनम्रता से पेश आना चाहिए।
5: किसी का बुरा सोचने से अच्छा है कि अपना भला सोचें - कुछ लोगों का काम यही होता है कि वह दूसरों का अहित चाहते हैं, जो ऊर्जा किसी का अनहित चाहने में लगाया जाता है वहीं ऊर्जा अपने हित में लगाया जाए तो शायद कुछ बेहतर होगा।
6: निराश मत होना - कहा जाता है कि मैदान का हारा एक बार फिर लड़ने के लिए तैयार हो जाएगा लेकिन मन का हारा कभी नहीं उठता इसलिए मन से कभी मत हारिए। निराशा बर्बाद कर देती है कुछ बेहतर करने की उम्मीद रखना चाहिए।
7: कर्म बुरा होता है व्यक्ति नहीं- बहुत से लोगों का मानना होता है कि फला व्यक्ति बहुत बुरा है मेरा मानना यह है कि व्यक्ति बुरा नहीं बल्कि उसका कर्म बुरा होता है।
8: अपने बीते दिनों को नहीं भूलना चाहिए - जब व्यक्ति काफी तरक्की कर जाता है तब वह अपने उस वक्त के लोगो को भूल जाता है जो लोग उसके बुरे वक्त पर उसके मददगार थे। ऐसे मददगारों और उनका अहसानों को भुला देना उचित नहीं होता है। उन्हें सम्मान देना चाहिए।
9: फालतू डेंग डांग नहीं मारना चाहिए - बहुत लोग अपने आप को बड़ा साबित करने के चक्कर में बड़ी बड़ी बाते करने लगते है जो उनके औकात से बाहर होता है। ऐसे लोग एक दिन बेइज्जत हो जाते है और समाज से छिपकर घूमते है। इसलिए अपनी हद के अंदर रहकर बात करनी चाहिए।
10: अपने आप पर भरोसा रखिए- बहुत से लोग यह सोचते है कि मेरे घर का सदस्य या मेरा कोई रिश्तेदार मेरे लिए कुछ बेहतर कर देगा लेकिन सच तो यह है कि अपने लिए आप ही कुछ कर सकते हैं बाकी कोई कुछ नहीं कर सकता।
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