TOP हर्बल चाय

मौसमी बीमारियों से बचाने वाली चाय:5 तरह की हर्बल चाय जो रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाएंगी और सर्दी-जुकाम से बचाएंगी

सर्दियों के मौसम मैं  सबसे ज्यादा तालाब चाय की होती है| वैसे एक सिमा से जयादा और खासकर मिति चाय नुकसान पहुचान सकती हैं, लेकिन अगर आप हर्बल चाय पियेंगे तोह आपको कई फायदे मिलेंगे| आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी ही 5 हर्बल चाय के ारे में| ये चाय रेडीमेट भी मिलती हैं|

दालचीनी की चाय

दालचीनी में पॉलीफिनॉल एंटीऑक्सीडेंट होता हैं जो बीपि को नियंत्रित कर दिल की बिमारिओं के खतरे को घटाते हैं| यह इन्सुलिन की सवेंदनशीलता को भी बढ़ाते हैं और इस तरह शुगर लेवल को भी नियतरीन में रखते हैं| सुबह के वक़्त में दालचीनी की चाय पीने से मेटाबॉलिज्म और पाचन में सुधार होता हैं जिससे मोटापे को कम करने में मदद मिलती हैं|

विधि: दालचीनी की एक घटक को रातभर एक कप पानी में भिगोए| सुबह दालचीनी सहित उसी पानी को दो मिनट उबालना|

जैस्मिन चाय :

जैस्मिन क्र फूलों में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स शरीर में बनने वाले रेडिकल्स को दूर करते हैं फ्री रेडिकल्स कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं| जैस्मीन के फूलों से बनी यह खासकर मोटापे घटाने के लिए काफी फायदेमन होती हैं| लंच के बाद नियमित रूप से जैसमिन की चाय पीने से प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत बनता हैं और दिल से समन्धित बिमारियों से ही बचाव होता हैं|

विधि: एक कप पानी में जैस्मीन के चार-पांच सूखे फूल डालकर इन्हें पांच मिनट तक उबाल लीजिये

कैमोमाइल चाय : 

कैमोमाइल के फूलों से बनी चाय पीने से त्वचा में नर्माहट और चमक होती हैं| जिन लोगों को नींद आने की समस्या हैं, उन्हें रोजाना रात में सोने से पहले इस चाय का सेवन करना चाहिए| यह हमारी नर्वस को रिलेक्स कर नींद लाने में मददगार होती हैं| अगर आप सर्दी जुकाम से पीड़ित हैं तोह इसमें भी यह चाय जादू का काम करती हैं|

विधि: एक कप उबले हुए पानी में कैमोमाइल के चार-पांच सूखे फूल डालकर उन्हें पांच मिनट तक उबाल लीजिये|

गुड़हल शहद की चाय:

चटकदार लाल रंग के फूल ज्यादातर गर्मी में ही खिलती हैं, लेकिन सर्दियों  के मौसम में भी कई जगह मिल जाते हैं| गुड़हल की चाय कोलेस्ट्रोल को कम करती हैं और इस तरह दिल के बिमारिओं से बचाती हैं इसमें आधा छमस शहद भी मिला दीजिये| इससे यह वजन को भी नियंत्रित करने में मददगार मिलती हैं|

विधि: एक कप उबलते हुए पानी में एक ताज़ा फूल तोड़कर डाल दीजिये 10 मिंट का उबलने दीजिये|

तुलसी-शहद की चाय:

तुलसी- शहद की चाय:

तुलसी के पत्ते मेटाबॉलिज्म बढ़ाने में मददगार होते हैं। इस तरह मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर मोटापे को नियंत्रण में रखते हैं। ये शरीर से विषैले तत्वों को भी दूर करते हैं। प्रतिरक्षा तंत्र को भी मजबूती प्रदान करते हैं। इसलिए सर्दी जुकाम से बचाव करते हैं। तुलसी के पत्तों की चाय में शहद मिलाकर पीने से एनर्जी भी मिलती है। इसे खाली पेट पिएं।

 

विधि : तुलसी के चार-पांच पत्ते एक कप पानी में 3-4 मिनट तक उबाल लें। गुनगुना होने पर आधा चम्मच शहद मिला लें।

टरमरिक टी :

हल्दी में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। इसकी चाय गले के दर्द या जलन से राहत प्रदान करने में मदद करती है। इसे आप चाय की तरह बनाकर पी सकती हैं। उबलते पानी में पिसी हुई हल्दी या हल्दी की जड़ डालें, इसे खूब देर तक उबालें। इसमें 2-3 पत्ती तुलसी की भी डालें और छानकर पी लें। आप चाहें तो उसमें शहद भी डाल सकती है।  इसका गरारा करने से भी गले दर्द में राहत मिलती है। खांसी आदि में भी यह चाय काफी असरदार होती है।

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