अवचेतन मन की शक्ति
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भीतर बहुत बड़ा ख़ज़ाना है । उसे हासिल करने के लिए बस मन है । आपके भीतर नियामतों का अथाह भंडार है जिसमें से आप सुखद समृद्ध और आनंदमयी जीवन जीने के लिए ज़रूरी हर चीज़ निकाल सकते हैं
लोग अपनी संभावनाओं को इसलिए नहीं जान पाते हैं क्योंकि उन्हें अपने भीतर मौजूद असीमित ज्ञान और अनंत प्रेम के भंडार का पता ही नहीं होता है जबकि सच तो यह है कि इसमें से आप अपनी हर मनचाही चीज़ निकाल सकते हैं
लोहे का चुंबकीय टुकड़ा अपने भार से बारह गुना अधिक वज़न उठा सकता है लेकिन अगर आप उसके चुंबकीय गुण को हटा दें तो यह कुछ भी नहीं उठा पाएगा
इसी तरह लोग भी दो तरह के होते हैं । एक वे जो चुंबकीय होते हैं ! वे आत्मविश्वास और आस्था से भरे होते हैं वे जानते हैं कि वे सफल होने तथा जीतने के लिए पैदा दूसरी तरह के लोग वे होते हैं जिनमें चुंबकीय गुण नहीं होता है वे बहुत बड़ी तादाद में होते हैं
वे डरों और शंकाओं से भरे होते हैं अवसर सामने आने पर वे कहते हैं अगर मैं सफल नहीं हुआ तो क्या होगा कहीं मेरा पैसा नहीं डूब जाए लोग मेरी हँसी उड़ाएँगे इस तरह के लोग जिंदगी में ज्यादा आगे तक नहीं जा पाते हैं उनका डर उन्हें उसी जगह पर रोके रखता है जहाँ वे हैं
आपके अवचेतन मन की शक्ति आप चुंबकीय व्यक्ति बन सकते हैं बशर्ते आप इतिहास के सबसे बड़े रहस्य को समझ लें और उस पर अमल करने लगे ।
इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य
मान लीजिए कोई आपसे इतिहास का सबसे बड़ा रहस्य पूछे तो आप क्या जवाब देंगे ? परमाणु ऊर्जा ग्रहों पर पहुँचे अंतरिक्ष यान ? ब्लैक होल नहीं इनमें से कोई नहीं तो फिर सबसे बड़ा रहस्य क्या है इंसान इसे कहाँ खोज सकता है ? इसे कैसे समझा जा सकता है और इसका लाभ कैसे लिया जा सकता है ? जवाब आसान है ।
यह रहस्य है आपके अवचेतन मन में पाई जाने वाली अद्भुत चमत्कारी शक्ति यह वह आख़िरी जगह है जहाँ ज़्यादातर लोग इसकी तलाश करते हैं इसी कारण यह रहस्य बहुत कम लोगों को पता चल पाता है
आपके अवचेतन मन की अद्भुत शक्ति
अवचेतन मन की छिपी हुई शक्ति का प्रयोग करना सीखकर आप अपने जीवन में अधिक शक्ति दौलत सेहत खुशी और आनंद पा सकते हैं ।
आपको इस शक्ति को हासिल करने की ज़रूरत नहीं है । यह तो आपमें पहले से ही है । बहरहाल आपको यह सीखना होगा कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है । आपको इसे समझना ही होगा ताकि आप अपने जीवन के सभी पहलुओं में इसका प्रयोग कर सकें
अगर आप इस पुस्तक में दी गई आसान तकनीकों और प्रक्रियाओं का पालन करेंगे तो आपको आवश्यक जानकारी तथा समझ मिल जाएगी ।
एक नया प्रकाश आपको प्रेरित कर देगा । आप एक नई शक्ति उत्पन्न कर सकते हैं जिसकी बदौलत आप अपनी सभी आशाओं और सपनों को साकार कर सकते हैं ।
इसी समय फैसला करें कि आप अपने जीवन को पहले से ज्यादा व्यापक महान समृद्ध और उदात्त बनाएँगे । आपकी अवचेतन गहराइयों में सभी आवश्यक चीज़ों के बारे में असीमित ज्ञान शक्ति और आपूर्ति का भंडार है । आपका अवचेतन भीतर बहुत बड़ा ख़ज़ाना है मन इस बात का इंतज़ार कर रहा है कि आप इसे विकसित करें और अभिव्यक्ति दें । अगर आप अपने अवचेतन मन की क्षमता को पहचान लें तो आपकी इच्छाएँ बाहरी जगत में साकार हो सकती हैं ।

अगर आप खुले दिमाग के और ग्रहणशील हैं तो आपके अवचेतन मन में मौजूद असीमित ज्ञान आपको वह हर चीज़ बता सकता है जिसकी आपको कभी भी कहीं भी ज़रूरत हो । आप नए विचार पा सकते हैं आविष्कार कर सकते हैं खोजें कर सकते हैं और नई कलाकृतियाँ बना सकते हैं ।
आपके अवचेतन का असीमित ज्ञान आपको आश्चर्यजनक नई जानकारी दे सकता है । इसे अपने सामने प्रकट होने दें । यह आपके जीवन में आदर्श अभिव्यक्ति और सही जगह का रास्ता खोल देगा ।
अपने अवचेतन मन की बुद्धिमानी से आप आदर्श जीवनसाथी को आकर्षित कर सकते हैं सही बिज़नेस पार्टनर या सहयोगी को भी । यह आपको दौलतमंद बनने का रास्ता बता सकती है । यह आपको वित्तीय रूप से आज़ाद भी बना सकती है ताकि आप अपने दिल की अनुसार बनें करें और रहें ।
विचार भावना शक्ति प्रकाश प्रेम और सौंदर्य के इस आंतरिक जगत को खोजना आपका बुनियादी अधिकार है । ये शक्तियाँ अदृश्य लेकिन बहुत शक्तिशाली हैं ।
आपके अवचेतन मन में हर समस्या का समाधान और हर परिणाम का कारण होता है । जब आप इन छिपी हुई शक्तियों का प्रयोग करना सीख लेंगे तो आपको प्रचुरता सुरक्षा खुशी और नियंत्रण बढ़ाने के लिए आवश्यक शक्ति तथा बुद्धिमानी मिल जाएगी ।
मैंने अवचेतन की शक्ति को देखा है । मैंने इसकी शक्ति से अपाहिज पूर्ण स्वस्थ होते देखे हैं । अवचेतन मन के सहारे उन्होंने खुशी सेहत और आनंद की भावनाओं को हक़ीक़त में बदला । यक़ीनन आपके अवचेतन में ऐसी चमत्कारी उपचारक शक्ति है जो परेशान दिमाग और टूटे हुए दिल का इलाज कर सकती है ।
यह आपके मस्तिष्क की जेल का दरवाज़ा खोलकर आपको आज़ाद कर सकती है । यह आपको सभी तरह के भौतिक और शारीरिक बंधनों से मुक्त कर सकती है ।
दो मस्तिष्क आपका मस्तिष्क एक है लेकिन इसके दो स्पष्ट और विशिष्ट कार्यकारी भाग हैं । इन दोनों का कार्य विभाजन मस्तिष्क के सभी विद्यार्थियों को काफ़ी अच्छी तरह मालूम है ।
आपके मस्तिष्क के ये दोनों हिस्से एक दूसरे से मूलत अलग हैं । इन दोनों के अपने विशिष्ट गुण और शक्तियाँ हैं जो एक दूसरे से अलग हैं । मस्तिष्क के इन दोनों कार्यों में भेद करने के लिए कई नामों का प्रयोग किया जाता है । जैसे वस्तुनिष्ठ objective और व्यक्तिनिष्ठ
subjective मन चेतन और अवचेतन मन जाग्रत और सुषुप्त मन सतही और गहरा स्वरूप स्वैच्छिक voluntary और अनैच्छिक involuntary मन पुरुष और स्त्री मन आदि नाम चाहे जो भी दिया जाए इससे मस्तिष्क के मूल द्वैत का पता चलता है । इस पूरी पुस्तक में मैं आपके मस्तिष्क के दो हिस्सों के लिए चेतन
conscious और अवचेत
subconscious मन का प्रयोग करूंगा । अगर आपको दूसरे शब्द आसान लगते हों तो आप उनका प्रयोग कर लें । महत्त्वपूर्ण शुरुआती बात यह है कि मस्तिष्क की इस द्वैत प्रकृति को पहचान लिया जाए और स्वीकार कर लिया जाए ।
चेतन और अवचेतन मन
आपके मस्तिष्क के दो तरफ़ा कार्यों को जानने का एक अद्भुत तरीक़ा यह है कि आप इसे एक बगीचा मान लें । आप माली हैं ।
आप अपने अवचेतन मन में हर दिन विचार के बीज बो रहे हैं । ज्यादातर समय आपको यह अहसास ही नहीं होता है कि आप ऐसा कर रहे हैं क्योंकि बीज आपकी आदतन सोच पर आधारित होते हैं ।
जैसा आप अपने अवचेतन मन में बोते हैं आपको अपने शरीर तथा परिस्थितियों में वैसी ही फ़सल काटनी पड़ती है । कल्पना करें कि आपका अवचेतन मन उपजाऊ मिट्टी है जो सभी तरह के बीजों की उगने में मदद करेगी चाहे वे अच्छे हों या बुरे । अगर आप काँटे बोते हैं तो क्या आपको अंगूर मिल सकते हैं ?
अगर आप कँटीली झाड़ियाँ बोते हैं तो क्या आपको अंजीर की फ़सल मिल सकती है ? हर विचार एक कारण है और हर परिस्थिति एक परिणाम है ।
इसी वजह से यह अनिवार्य है कि आप अपने विचारों पर नियंत्रण करें । सिर्फ इसी तरह इच्छित परिस्थितियाँ मिल सकती हैं । इसी समय शांति. खुशी सही कर्म सद्भावना और समृद्धि के विचारों के बीज बोना शुरू कर दें । शांति और विश्वास से इन चीज़ों के बारे में सोचें ।
अपने चेतन तार्किक मन में इन्हें पूरी तरह स्वीकार कर । इन अद्भुत विचार - बीजों को अपने मस्तिष्क के बगीचे में बोते रहे आपको बहुत बढ़िया फ़सल मिलेगी ।
जब आपका मस्तिष्क सही तरीके से सोचता है जब आप सच्चाई समझ लेते हैं जब आपके अवचेतन मन तक पहुँचे विचार सृजनात्मक सद्भावनापूर्ण और शांतिपूर्ण होते हैं तो आपके अवचेतन की जादुई कार्यकारी शक्ति प्रतिक्रिया करेगी ।

यह उस विचार के लिए आवश्यक परिस्थितियों और उचित माहौल का निर्माण कर देगी । अपनी विचार प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के बाद आप किसी भी समस्या या मुश्किल में अपने अवचेतन मन की शक्तियों का प्रयोग कर सकते हैं । वास्तव में आप जान - बूझकर हुए उस असीमित शक्ति और अटूट नियम के साथ सहयोग कर रहे हैं जो सभी चीज़ों पर लागू होता है ।
अपने चारों तरफ़ देखें । आप चाहे जहाँ रहते हों आपकी सामाजिक स्थिति चाहे जैसी हो आप देखेंगे कि अधिकतर लोग बाहर की दुनिया में जीते हैं । बहरहाल ज्यादा ज्ञानी लोग अपने अंदर की दुनिया में जीते हैं ।
उन्हें यह अहसास है - जो आपको भी होगा कि अंदर की दुनिया से ही बाहर की दुनिया उत्पन्न होती है । आपके विचार भावनाएँ और सपने आपके अनुभव के जनक हैं । आंतरिक मन ही एकमात्र रचनात्मक शक्ति है ।
बाह्य संसार में आपको जितनी भी चीजें मिलती हैं वे सभी आपने अपने मन के अंदरूनी संसार में उत्पन्न की हैं चाहे आपने यह काम सचेतन रूप से किया हो या अचेतन रूप से । जब आप अपने चेतन और अवचेतन मन की आपसी कार्यविधि के बारे में सच्चाई जान लेंगे तो अपने जीवन की कायापलट करने में कामयाब हो जाएँगे ।
अगर आप बाहरी स्थितियों को बदलना चाहते हैं तो आपको उनके कारणों को बदलना होगा । अधिकतर लोग परिस्थितियों और स्थितियों से संघर्ष करके उन्हें बदलने की कोशिश करते हैं । यह समय और मेहनत की भयंकर बर्बादी है
वे यह नहीं देख पाते हैं कि ये स्थितियाँ और परिस्थितियाँ किसी कारण से उत्पन्न हुई हैं । अपने जीवन से मनमुटाव दुविधा कमी और सीमा को दूर करने के लिए आपको उसके मूल कारण को दूर करना होगा । कारण है वह तरीक़ा जिससे
आप अपने चेतन मन का प्रयोग करते हैं वे विचार और तसवीरें जो आप इसमें भरते हैं । कारण को बदल दें परिणाम अपने आप बदल जाएगा । यह इतना ही आसान है ।
हम सभी असीमित दौलत के अथाह समुद्र में रहते हैं । आपका अवचेतन मन आपके चेतन विचारों के प्रति बहुत संवेदनशील होता है ।
ये चेतन विचार साँचे की तरह काम करते हैं जिनमें आपके अवचेतन का असीमित ज्ञान बुद्धि जीवन शक्ति और ऊर्जा प्रवाहित होती है । अगर आप साँचे को अधिक सकारात्मक बना दें तो आपको इस असीमित ऊर्जा से अधिक लाभ हो सकता है । इस पुस्तक का हर अध्याय सच्चे और प्रासंगिक उदाहरण देकर बताता है कि आप
अवचेतन मन के नियमों को किस तरह लागू कर सकते हैं ।
जब आप इन तकनीकों का प्रयोग करना सीख लेंगे तो आप गरीबी के बजाय अमीरी अंधविश्वास और अज्ञान के बजाय बुद्धिमानी आंतरिक संघर्ष के बजाय शांति असफलता के बजाय सफलता दुख के बजाय खुशी अंधकार के बजाय प्रकाश मतभेद के बजाय सद्भाव डर के बजाय आत्मविश्वास तथा आस्था का अनुभव करने लगेंगे । क्या अद्भुत वरदान हो सकते हैं
महान वैज्ञानिकों कलाकारों कवियों गायकों लेखकों और आविष्कारकों को चेतन तथा अवचेतन मन की कार्यविधि की गहरी समझ थी इसी वजह से उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने की शक्ति मिली
एक बार महान ऑपेरा गायक एनरिको केरूसो मंच पर जाने से घबरा रहे थे । डर के मारे उनके गले की मांसपेशियाँ ऐंठ गई थीं । ऐसा लग रहा था जैसे उनके वाक्तन्तुओं को लकवा मार गया हो और वे बेकार हो गए हों । वे मंच के पीछे गायक की पोशाक पहने खड़े थे और जी को उनके चेहरे पर पसीना बह रहा था ।
कुछ ही पल बाद उन्हें हज़ारों नहीं प्रशंसकों की भीड़ के सामने मंच पर जाकर गाना था । काँपते हुए उन्होंने कहा मैं नहीं गा सकता । सब लोग मुझ पर हँसेंगे । मेरा करियर ख़त्म हो गया ।वे अपने ड्रेसिंग रूम में जाने के लिए मुड़े । तभी अचानक वे रुककर चिल्लाए छोटा मैं मेरे भीतर के बड़े मैं का गला दबाने की कोशिश कर रहा है ! उत्पन्न चरण है ।
दोबारा मंच की ओर मुड़े और तनकर खड़े हो गए । उन्होंने छोटे मैं को आदेश दिया बाहर निकल जाओ । बड़ा मैं गाना चाहता है । बड़े मैं से केरूसो का मतलब अपने अवचेतन मन की असीमित शक्ति और बुद्धि से था ।
वे चिल्लाने लगे बाहर निकल जाओ बाहर निकल जाओ बड़ा मैं गाने वाला है अवचेतन मन ने प्रतिक्रिया करते हुए उनके भीतर की असीमित शक्तियों को मुक्त कर दिया । समय आने पर वे मंच पर गए और उन्होंने शानदार तरीके से गाया जिससे श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए आपने अब तक जो सीखा है उससे आप समझ सकते हैं कि केरूसो मस्तिष्क के दो स्तरों को समझते थे चेतन या तार्किक स्तर और अवचेतन या अतार्किक स्तर ।
आपका अवचेतन मन प्रतिक्रियाशील है । यह आपके विचारों की प्रकृति के अनुरूप प्रतिक्रिया करता है । जब आपका चेतन मन केरूसो का छोटा मैं डर चिंता और तनाव से भरा होता है तो आपके अवचेतन मन बड़े मैं में नकारात्मक भाव प्रवाहित होने लगते हैं । ये नकारात्मक भाव चेतन मन में दहशत आशंका और निराशा भर देते हैं । जब आपके साथ ऐसा हो तो आप भी महान केरूसो के उदाहरण पर अमल कर सकते हैं ।
आप दृढ़ता और पूरे अधिकार से अपने अधिक गहरे मन में उत्पन्न अतार्किक भावों से कह सकते हैं चुप रहो । शांत हो जाओ । मैं नियंत्रण में हूँ । तुम्हें मेरे आदेश का पालन करना होगा । तुम मेरी आज्ञा का पालन करने के लिए विवश हो । तुम वहाँ दख़ल नहीं दे सकते जो तुम्हारा क्षेत्र नहीं है
जब आप अपने अधिक गहरे स्वरूप की अतार्किक भावनाओं से दृढ़ता और अधिकार से यह बोलेंगे तो परिणाम देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे आपका मन शांति और सद्भाव से भर जाएगा अवचेतन मन चेतन मन के अधीन रहता है इसीलिए इसे अवचेतन कहा जाता है ।
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