REVIEW : भारत v/s श्रीलंका दूसरा एकदिवसीय क्रिकेट मैच

टॉस :-

पहले मैच की भाँति पुनः श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया । भारत ने अपनी टीम में कोई परिवर्तन नही किया है जबकि श्रीलंका ने आलराउंडर ईसुर उदाना के स्थान पर तेज़ गेंदबाज कसुन रजीथा को मैदान पर उतारा ।

 

श्रीलंका की सधी शुरुआत :-

श्रीलंका के सलामी बल्लेबाजों अविष्का फर्नांडो और मिनोद भनुका ने सधी हुई शुरुआत करते हुए तेज़ी से रन बटोरे और टीम का स्कोर 12 ओवरों में 77 रन पर पहुँचा दिया ।

 

भारतीय स्पिनर्स ने करायी वापसी :-

 

12वें ओवर में लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने 2 गेंदों पर 2 विकेट लेकर भारत को मैच में वापसी करायी । भारतीय स्पिन गेंदबाज़ों ने इसके बाद मैच पर अपनी पकड़ बनाई और लंकाई बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने का कोई मौका नही दिया । श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों में अनुभव की कमी स्पष्ट दिखाई दी और कोई भी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नही बदल सका । अविष्का फर्नांडो ने 50, भनुका ने 36 और धनंजय डी सिल्वा ने 32 रन बनाए।

 

अंतिम ओवरों में गेंदबाजी की खुली पोल :-

भारतीय गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जमकर रन लुटाये । युवा श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों चरिथ असलंका और चमीका करुणारत्ने ने तेज़ी से रन बनाते हुए टीम का स्कोर 250 के पार पहुँचा दिया । असलंका ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 65 रन और करुणारत्ने ने मात्र 33 गेंदों पर 44 रन बनाए । भारतीय तेज़ गेंदबाज़ों भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर और हार्दिक पांड्या ने धीमी गेंदों का ज़रूरत से ज्यादा प्रयोग किया जिसका विपक्षी बल्लेबाज़ों ने खूब फायदा उठाया ।

श्रीलंका का अंतिम स्कोर 275 रन था । इस स्टेडियम के इतिहास को देखते हुए ये एक चुनौतीपूर्ण स्कोर था क्योंकि इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करना हमेशा मुश्किल रहा है ।

 

भारत की खराब शुरुआत :-

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के ओपनर पृथ्वी शॉ ने अपने चिर परिचित अंदाज़ में शुरुआत करते हुए पहले ही ओवर में 14 रन बटोर कर विपक्षी गेंदबाज़ों को दबाव में ला दिया लेकिन श्रीलंकाई कप्तान दसुन शनाका ने चतुराई भरी रणनीति बनाते हुए स्पिनर वनिन्दु हसरंगा को पॉवरप्ले में ही गेंद थमा दी जिसका नतीजा हुआ कि पृथ्वी शॉ मात्र 13 रन बनाकर हसरंगा का शिकार बन गए । 

पिछले मैच में शानदार अर्धशतक बनाने वाले युवा ईशान किशन भी कुछ खास नही कर सके और मात्र 1 रन बनाकर तेज़ गेंदबाज़ कसुन रजीथा का शिकार बन गए ।

 

भारतीय मध्यक्रम का संघर्ष :-

2 विकेट जल्दी गिरने के बाद भारतीय कप्तान शिखर धवन और मनीष पाण्डेय ने पारी को संभालने की कोशिश की । दोनो ने समझदारी से बल्लेबाज़ी करते हुए अर्धशतकीय साझेदारी की और टीम का स्कोर 100 के पार पहुँचाया ।

श्रीलंका की ही तरह भारतीय बल्लेबाज भी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में असमर्थ रहे । भारतीय कप्तान शिखर धवन 29 रन बनाकर हसरंगा के दूसरे शिकार बने।

धवन के जाने के बाद आये युवा बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने मनीष पाण्डेय के साथ मिलकर तेज़ी से रन बनाए लेकिन इसी बीच मनीष पांडेय 37 रन के स्कोर पर रन आउट हो कर पवेलियन लौट गए ।

अगले बल्लेबाज़ हार्दिक पांड्या में अभ्यास की कमी स्पष्ट दिखाई दी । पहली ही गेंद पर कैच छूटने के वो कोई फायदा नही उठा सके और तीसरी गेंद पर ही शून्य के स्कोर पर लंकाई कप्तान शनाका का शिकार बन गए।

आधी टीम पवेलियन लौटने के बाद टीम को संकट से बाहर निकालने की ज़िम्मेदारी ली क्रुणाल पंड्या और सूर्यकुमार यादव ने । दोनों ने सधी हुई बल्लेबाज़ी करते हुए टीम का स्कोर लक्ष्य के पास पहुँचाया । इसी बीच सूर्यकुमार ने अपना अर्धशतक पूरा किया जो कि एकदिवसीय क्रिकेट में उनका पहला अर्धशतक है लेकिन जल्द ही वो चाइनामैन गेंदबाज लक्षण सन्दकन का शिकार बन गए और 53 के व्यक्तिगत स्कोर पर पविलियन लौट गए ।

35वें ओवर में क्रुणाल पंड्या भी हसरंगा का शिकार बन गए और अब टीम का स्कोर 193 रन पर 7 विकेट हो गया था । लक्ष्य अब भी 82 रन दूर था । जीत अब मुश्किल दिखाई दे रही थी ।

 

निचले क्रम के बल्लेबाज़ों ने किया कमाल :-

क्रीज़ पर अब युवा दीपक चाहर और अनुभवी भुवनेश्वर कुमार की जोड़ी थी । दोनो ने सूझबूझ भरी बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए गेंदबाज़ों को विकेट से वंचित रखा । धीरे धीरे दोनो टीम को लक्ष्य के पास ले जा रहे थे । भाग्य ने भी दोनों का साथ दिया और गेंद कई बार बल्ले का किनारा ले कर सीमारेखा के पार गयी । 

दीपक चाहर ने रनगति बढ़ाने की ज़िम्मेदारी उठायी और भुवनेश्वर कुमार ने दूसरे छोर पर धैर्य के साथ बल्लेबाजी की । लंकाई कप्तान ने अपने सभी गेंदबाज़ों का प्रयोग करके देख लिया लेकिन उन्हें सफलता हाथ नही लगी । इसी बीच दीपक चाहर ने अपना अर्धशतक पूरा किया जो को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका पहला अर्धशतक है ।

 

मैच अब अंतिम ओवर में पहुँच चुका था और रोमांच अपने चरम पर था । भारत को जीतने के लिए 3 रनों की आवश्यकता थी और दीपक चाहर ने रजीथा की गेंद को सीमारेखा के पार पहुँचा कर भारत को एक यादगार जीत दिला दी। दीपक ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा नाबाद 69 रन बनाए वही भुवनेश्वर कुमार 35 रन बनाकर नाबाद रहे । श्रीलंका के लिए हसरंगा सबसे सफ़ल गेंदबाज रहे जिन्होंने 3 भारतीय बल्लेबाज़ों को आउट किया ।

 

इस जीत के साथ भी भारत ने इन 3 मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है । तीसरा और अंतिम मुकाबला 23 जुलाई को खेला जाएगा ।

 

संक्षिप्त विवरण : 

श्रीलंका : 275/9 (50 ओवर)

असलंका - 65 (68 गेंद)

अविष्का - 50 (71 गेंद)

चहल - 3/50 (10 ओवर)

 

भारत - 277/7(49.1 ओवर)

चाहर - 69 (82 गेंद)

सूर्यकुमार - 53 (44 गेंद)

हसरंगा - 3/37 (10 ओवर)

 

मैन ऑफ द मैच :-  दीपक चाहर

 

रोचक तथ्य :-

  • दीपक चाहर की 69 रनों की यह पारी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में किसी एकदिवसीय मैच में 8वें स्थान पर खेली गई दूसरी सबसे बड़ी पारी है, भारत के लिए 8वें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक स्कोर 77 रन है जो कि रविन्द्र जडेजा ने 2019 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाये थे ।
  • इस मैच को जीतकर भारत ने श्रीलंकाई सरज़मीं पर अपना विजयरथ जारी रखा है । भारत 2009 के बाद से श्रीलंका के खिलाफ श्रीलंका में कोई एकदिवसीय मैच नही हारा है ।

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments
Hritik sahu - Jul 24, 2021, 8:59 PM - Add Reply

Nice one bro... Keep this good work up

You must be logged in to post a comment.

You must be logged in to post a comment.

About Author