1. वर्तमान में मानव का स्वास्थ्य:-
वर्तमान में हम अक्सर देखते हैं, कि लोगों में अनेक बीमारियां तेजी से फैल रही है तथा अन्य एक नई नई बीमारियां जन्म ले रही है। जिसके कारण मानव का स्वास्थ्य एकदम खराब हो रहा है जिसका परिणाम आने वाले दिनों में काफी ज्यादा दिखाई देने लगेगा, जिसका बहुत बड़ा कारण है वर्तमान में बढ़ता हुआ पर्यावरण प्रदूषण। जिसके कारण वर्तमान में मानव के स्वास्थ्य का स्तर पहले की भांति काफी ज्यादा गिर चुका है। बढ़ती हुई सुविधाएं भी मानव के स्वास्थ्य पर बुरे प्रभाव डालती है। आजकल बढ़ता हुआ आरामदायक जीवन भी मानव के लिए के लिए एक खतरा बन चुका है।
2. मानव के बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के मुख्य कारक :-
मानव के बिगड़ते हुए स्वास्थ्य के विभिन्न कारण हैं, जिनमें से कुछ कारण प्रमुख है। इनमें से पहला सबसे बड़ा कारण है मानव की लापरवाही। क्योंकि आज के जमाने में लोग अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर बैठते हैं। और इसी से मिलता-जुलता दूसरा सबसे बड़ा कारण है जो की है पर्यावरण प्रदूषण, और पर्यावरण के प्रदूषण के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार मानव है जो कि अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों को काट रहा है जिससे पर्यावरण को बहुत बड़ी हानि हो रही है जिससे पर्यावरण प्रदूषण बड़ी मात्रा में तेजी से फैल रहा है , जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए एक विकराल रूप धारण कर रहा है।
2. प्रदूषण का मानव स्वास्थ्य पर कुप्रभाव:-
मानव के बिगड़ते हुए स्वास्थ्य का एकाएक मुख्य कारण पर्यावरण प्रदूषण ही है। क्योंकि निरंतर जनसंख्या की वृद्धि, औद्योगीकरण एवं शहरीकरण तथा प्राकृतिक संसाधनों का अति से दोहन से पर्यावरण में निरंतर प्रदूषण बढ़ रहा है जिसका मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जो कि आगे चलकर इसके विनाश का कारण हो सकता है इसके अलावा अनेक प्रभाव देखने को मिलते हैं जैसे तापमान की वर्दी तथा असमय ऋतु परिवर्तन होने से प्राकृतिक वातावरण नष्ट होता जा रहा है जो मानव के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है।
3. मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले कुप्रभाव को निवारण करने के उपाय:-
विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रदूषण रोकने के अनेक उपाय कर रहा है भारत सरकार भी पर्यावरण निवारण के लिए कई प्रयास कर रही है जैसे हरियाली को ज्यादा बढ़ावा देना, वृक्ष उगाना, शोर पर काफी नियंत्रण करना तथा पर्यावरण प्रदूषण के प्रति जनचेतना को अच्छी तरह से जागृत करना आदि। खुले में शौच करने, नालियों का गंदा जल फैलने तथा कारखानों से निकलने वाले विषैले अपशिष्ट से पर्यावरण को बचाने के अनेक उपाय सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काफी संख्या में लगाए जा रहे हैं, घर घर में बहुत अधिक संख्या में शौचालय बनाए जा रहे हैं तथा साथ ही स्वच्छता का अभियान नदियों पर लगाया जा रहा है। ताकि मानव के स्वास्थ्य को काफी हद तक सुधारा जा सके।
4. मानव स्वास्थ्य के प्रति हमारी सोच और हमारा दायित्व:-
(1) हमें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा चलाए जा रहे अभियान में सहयोग देना चाहिए ताकि मानव के स्वास्थ्य को काफी हद तक सुधारा जा सके।
(2) हमें कचरे के निस्तारण को अपनाना चाहिए ना कि कचरे को फैलाना चाहिए ।
(3) हमें अपनी सोच को नकारात्मक नहीं रखना चाहिए बल्कि सोच को सकारात्मक रखना चाहिए जो कि मानव के स्वास्थ्य पर एक अच्छा प्रभाव डालता है।
(4) नकारात्मक सोच मानव के स्वास्थ्य पर कुप्रभाव डालती है।
(5) हमें पॉलीथिन के यूज़ को कम करना चाहिए ताकि पर्यावरण को हानि न पहुंचे, जो कि मानव स्वास्थ्य के लिए एक अच्छा लाभ है।
(6) हमें खाने पीने की चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए ज्यादा फास्ट फूड का सेवन भी नहीं करना चाहिए, तथा पौष्टिकता से पूर्ण आहार को लेना चाहिए।
(7) मानव के स्वास्थ्य में सफाई का बहुत बड़ा योगदान होता है तो हमें समय-समय पर सफाई भी करनी चाहिए।
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Very nice 👍 bro
Thank you
Ok byyy
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