How many प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिलती है कितनी सैलरी?

भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री को मुखिया के तौर पर देखा जाता है। देश के अधिकतर मामलों का जिम्मा और देखभाल का अधिकार प्रधानमंत्री के पास होता है। ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री को कितनी सैलरी मिलती। आज के इस आर्टिकल में हम आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सैलरी के बारे में बताएंगे, कि आखिर प्रति महीने प्रधानमंत्री को कितना पैसा और सुविधाएं मिलती हैं। तो देर किस बात की, आइए जानते हैं मोदी जी सैलरी और उनकी कुल संपत्ति के बारे में- 

 

भारत के प्रधानमंत्री की सैलरी 200,000(2 लाख) रुपये प्रतिमाह होती है। जिसमें उन्हें 1,60,000 रुपये नरेंद्र मोदी को इन हैंड दिए जाते हैं। हालांकि इस सैलरी पैकेज में कई सारी चीजें शामिल होती हैं। जिसमें 50,000 की बेसिक सैलरी, 45 हजार निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, प्रतिदिन भत्ता 2 हजार रुपये और 3 हजार व्यय भत्ता मिलता है।

 

कटती है इतनी सैलरी 

बता दें कि चाहे प्रधानमंत्री हो, राष्ट्रपति हो या फिर सरकार से जुड़े सांसद सभी की सैलरी का 30 प्रतिशत हिस्सा कट जाता है। कोरोना काल के दौरान हालातों से लड़ने के लिए राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और सांसदों ने अपने वेतन में कटौती कराने का फैसला किया।

 

प्रधानमंत्री का पद छोड़ने के बाद भी कई तरह की सुविधाएं दी जाती है। इसके अलावा रहने के लिए आवास, 5 साल की मुफ्त ट्रेन यात्रा एसएससी कर, निजी सचिव और कार्यालय व्यय मिलता हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री को आजीवन पेंशन की सुविधा भी जाती है।

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पीएम नरेंद्र मोदी की एसेड रिपोर्ट्स की माने तो 30 जून,2020 तक उनकी कुल संपत्ति 2.85 करोड़ की है। हालांकि की साल 2019 के तुलना में 2020 तक प्रधानमंत्री की संपत्ति में 36 करोड़ का इजाफा आया है। पीएम नरेंद्र मोदी के पास अपनी कोई भी कार या गाड़ी नहीं है। इसके अलावा पीएम मोदी के पास चार सोने की अंगूठियां है, जो लगभग 45 ग्राम की है और उनकी कीमत 1.5 लाख रुपये है।

प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की सैलरी में अंतर

 

  • राष्ट्रपति की सैलरी- 5,00,00 रुपये से लेकर 3,50,000 रुपये बेसिक
  • उपराष्ट्रपति की सैलरी- 4,00,000 रुपये 2,80,000 रुपये बेसिक
  • प्रधानमंत्री सैलरी- 2,00,000 रुपये 1,60,000 रुपये बेसिक
  • राज्यपाल की सैलरी- 3,50,000 रुपये 2,45,000 रुपये बेसिक
  • बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री की सैलरी सुप्रीम कोर्ट से भी कम होती है।

CM salary: योगी से ज्यादा है केजरीवाल की सैलरी, पर इन दोनों से किस मुख्यमंत्री का वेतन है अधिक, जानें

नई दिल्‍ली. आपको यह जानकार हैरानी होगी कि देश के सबसे बड़े सूबे उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्‍यमंत्री (Chief Minister) योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) की सैलरी (salary) कम है और सीमित अधिकारों वाले राज्‍य दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की सैलरी अधिक है. यह जानकार और हैरानी हो सकती है कि तेलंगाना जैसे नए और छोटे राज्‍य के मुख्‍यमंत्री की सैलरी देश में सबसे अधिक है. इनकी सैलरी एक राज्‍य के मख्‍यमंत्री से चार गुना अधिक है. आइए जानें किस राज्‍य के मुख्‍यमंत्री की सैलरी कितनी है और सैलरी के अलावा और क्‍या-क्‍या सुविधाएं मिलती हैं.

देश के सबसे बड़े प्रदेश उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सैलरी 3,65,000 रुपये है, जबकि दिल्‍ली जैसे छोटे राज्‍य के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सैलरी 3,90,000 रुपये है. देश में सबसे कम सैलरी त्रिपुरा के मुख्‍यमंत्री की है. उनकी सैलरी 1,05,000 रुपये है. वहीं, 2014 में बने तेलंगाना राज्‍य के मुख्‍यमंत्री की सैलरी 4,10,000 रुपये है. त्रिपुरा और गोवा दोनों छोटे राज्‍य हैं, दोनों से दो-दो सांसद चुने जाते हैं लेकिन त्रिपुरा के मुकाबले गोवा के मुख्‍यमंत्री की सैलरी दोगुना से अधिक 2,20,000 रुपये है.

देश में कुल 28 राज्‍य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं. हर राज्‍य के मुख्‍यमंत्री की सैलरी अलग-अलग होती है. राज्‍य के मुख्‍यमंत्री का वेतन उस राज्‍य की विधानसभा तय करती है. सैलरी का केंद्र सरकार या संसद से कोई लेना देना है. सैलरी हर 10 साल में बढ़ती है. इनकी सैलरी में महंगाई भत्‍ता और अन्‍य भत्‍ते शामिल होते हैं.

आइए जानें मुख्‍यमंत्रियों की सैलरी

राज्य                             मासिक सैलरी

त्रिपुरा                            1,05,500 रुपये

नागालैंड                        1,10,000 रुपये

मणिपुर                         1,20,000 रुपये

असम                           1,25,000 रुपये

अरुणाचल प्रदेश             1,33,000 रुपये

मेघालय                        1,50,000 रुपये

ओडिशा                        1,60,000 रुपये

उत्तराखंड                      1,75,000 रुपये

राजस्थान                      1,75,000 रुपये

केरल                             1,85,000 रुपये

सिक्किम                       1,90,000 रुपये

कर्नाटक                        2,00,000 रुपये

तमिलनाडु                     2,05,000 रुपये

पश्चिम बंगाल                  2,10,000 रुपये

बिहार                           2,15,000 रुपये

गोवा                             2,20,000 रुपये

पंजाब                           2,30,000 रुपये

छतीसगढ़                      2,30,000 रुपये

मध्यप्रदेश                      2,30,000 रुपये

झारखंड                        2,55,000 रुपये

हरियाणा                       2,88,000 रुपये

हिमाचल प्रदेश               310,000 रुपये

गुजरात                         3,21,000 रुपये

आंध्र प्रदेश                    3,35,000 रुपये

महाराष्ट्र                        3,40,000 रुपये

उत्तर प्रदेश                   3,65,000 रुपये

दिल्ली                          3,90,000 रुपये

तेलंगाना                        4,10,000 रुपये

 

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