परीक्षा के दिन की तैयारियां

परीक्षा के दिन की तैयारियां 

  • जो आपको नहीं आता उससे परेशान न हों

परीक्षा के दिन , इस बात को अच्छी तरह याद रखें कि आप सबकुछ नहीं जान सकते बहुत - सी कमियाँ आपके द्वारा अपनी योग्यता / क्षमता के अनुसार तैयारी करने के बाद रह जाती है , उनसे परेशान न हो । यह सभी छात्रों के साथ होता है ।

  • सकारात्मक सोच रखें

खूब उत्साहपूर्वक परीक्षा देने जाएँ । वैसे भी सोचे - निरुत्साहित / निराशापूर्ण स्थिति में नकारात्मक सोच रखने से क्या अब कुछ लाभ हो सकता है?

  • तनाव पैदा करने वाले तत्त्वों से दूर रहें

ऐसे छात्रों से दूर रहें जो आपसे उस समय कुछ पूछना चाहते हैं । कई बार इस तरह से पूछे गए प्रश्न आपको तनावग्रस्त एवं हतोत्साहित कर सकते हैं । कई छात्र , अन्य छात्रों को परेशान करने हेतु इस तरह का व्यवहार करते हैं । 

  • परीक्षा केन्द्र हेतु कुछ जल्दी चलें

परीक्षा केन्द्र को जाने हेतु थोड़ा शीघ्र ही चल दें । हो सकता है आप जिस साधन से जा रहे हैं , उसमें कोई परेशानी हो जाए या अन्य कोई ऐसी परिस्थिति बन जाए जिसमे आपको देर लग जाए । इन सब परिस्थितियों को ध्यान में रखकर घर से कछ जल्दी चलें ।

  • आवश्यक सामान साथ ले जाना न भूलें

अपना रोल नम्बर , एडमिटक कार्ड , पेन , पेन्सिल , रबड़ , स्केल , शार्पनर इत्यदि अपने साथ ले जाना कभी नहीं भूलें । यदि अपने साथ पानी की बोतल ले जाएँ तो भी उचित होगा । आपको पानी के लिए इन्तजार नहीं करना होगा और आपको स्वच्छ शुद्ध पानी मिल जाएगा ।

  • परीक्षा से पूर्व शौच अवश्य जाएँ

शौचालय इत्यादि जाने से आपकी एकाग्रता टूटती है , समय नष्ट बीच परीक्षा में श होता है ।

याद रखें

परीक्षा में सफलता , आपकी रोक्षणिक विषयों की तैयारी के आधार पर ही प्राप्त नहीं की जा सकती है । आपको स्वयं को पूर्ण स्वस्थ एवं व्यवस्थित रखने की आवश्यकता भी है । परीक्षा स्थल पर पूर्ण तैयारी के साथ , समय पर पहुँचकर , तत्परता के साथ , पर्यपूर्वक परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर सही प्रकार से लिखने की भी आवश्यकता है । परीक्षा में अंक , प्रश्न - पत्र के उत्तर लिखने के आधार पर दिए जाते है , न कि आपको कितना याद है ? , आपने कितनी मेहनत की है ? इन आधारों पर! 

परीक्षा देते समय

  • अपनीसीट  को जाँचें - आराम से बैठे

आपको जिस मीट पर बैठना है , उसे जांच लें । कहीं कुर्सी या टेबल में कील इत्यादि निकली हुई नहीं है । कहीं कुर्सी, टेबल लिखते समय हिलती तो नहीं है , अगर ऐसा कुछ लगे तो परीक्षक से निवेदन करके सीट बदलवा लें ।

  • उत्तर पुस्तिका मिलने पर

उत्तर - पुस्तिका मिलने के बाद , उस पर दिए गए निदेश को अच्छी तरह से पढ़ ले। जो भी पुर्तिया करनी है , उनकी पूर्ति धीरे - धीरे एवं साफ अक्षरो में करें। कोई  भी आवश्यक काभावाना कॉलम खाली न छोड़ें । यदि कोई सन्देह है तो परीक्षक  से जानकारी करके तुरंत भर ले ।

  • प्रश्न- पत्र मिलने पर

सर्वप्रथम प्रश्न - पत्र को पूरा पढ़ें । जो हिदायतें दी गई है उनको ध्यान रखें : जैसे - कई बार प्रथम प्रश्न अनिवार्य होता है या प्रत्येक भाग A , B या c में से एक - एक प्रश्न करना आवश्यक होता है या हर प्रश्न के अंक समान नहीं है , या समान है । इस तरह के निर्देशों को अच्छी तरह से पढ़ लें । कोई भी सन्देह है तो परीक्षक से जानकरी करें । इस तरह के निर्देशों को अच्छी तरह लेकिन सीता से पढ़ लें । अनावश्यक अधिक समय न लगाएं क्योंकि प्रश्न - पत्र को हल भी करना है । समय बहुत । कीमती है ।

  • आसान प्रश्न से शुरू करें

सबसे पहले उस प्रश्न का उत्तर देना शुरू करें जो आपको सरलतम लगे । इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा । यदि प्रश्न - पत्र वस्तुनिष्ठ प्रकार का है तो ध्यान रखें , किसी प्रश्न ' में फँस न जाएँ । कई बार सरलता से हल होने वाले प्रश्न को हल करने में बहुत अधिक समय लगता है ।

  • समय सीमा का ध्यान रखकर ही प्रश्न को हल करें 

समय सीमा का विशेष रूप से ध्यान रखें । किसी भी प्रश्न में आवश्यकता से अधिक । समय न लगाएँ इससे आपको अन्य प्रश्नों का हल करने हेतु कम समय बचेगा । प्रश्न के अन्त में कुछ जगह छोड़कर फिर दूसरा प्रश्न हल करना शुरू करें । कई बार पहले प्रश्न के सम्बन्ध में कोई महत्वपूर्ण बिन्दु बाद में ध्यान आता है तो आप स्टार ( *) मार्क करके उसे वहाँ लिख सके , इतनी जगह छोड़ दें ।

 

 

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