ट्रेन में सफर कर रहे एक बूढ़े ने कैसे अपना दिमाग लगाकर कुछ मनचले लड़कों को सबक सिखाया How an old man traveling in a train taught a lesson to some chubby boys by putting his mind

नमस्कार! दोस्तों मेरा नाम राकेश है और मैं इंडिया से हूं। मैं एक स्टूडेंट हूं और कहानियां लिखना और पढ़ना मेरा शौक है। मैं अपने खाली समय में कहानी लिखना और पढ़ना पसंद करता हूं। मैंने आजतक जितनी भी कहानियां लिखा एवं पढ़ा हूं उनसबों में हमें सबसे मजेदार कहानी लगी, और उम्मीद है आपके लिए भी ये अबतक की सबसे मजेदार कहानियों में से एक होगी। यही कारण है कि मैं इस कहानी को आपसबों के साथ साझा कर रहा हूं। दरअसल ये कहानी ट्रेन में सफर कर रहे एक बूढ़े और कुछ मनचले लड़कों पर आधारित कहानी है। अतः आपसबों से आग्रह है कि आप इस कहानी को पूरी एवं अच्छी तरह से पढ़ें और आनंद लें। 

 

एक वृद्ध ट्रेन में सफर कर रहे थे, संयोग से वह कोच खाली था। तभी 8-10 लड़के उस कोच में आए और बैठ कर मस्ती करने लगे।

 

थोड़ी देर बाद एक लड़के ने कहा चलो जंजीर खींचते हैं, तो दूसरे ने कहा यहां लिखा है जंजीर खींचने पर 500 रुपया जुर्माना या 6 माह की कैद हो सकती है, तो तीसरे ने कहा इतने लोग हैं चंदा इकट्ठा करके 500 रुपया जमा कर देंगे।

 

चंदा इकट्ठा किया गया तो 500 की जगह 1200 रुपया जमा हो गए, जिसमें 200 के तीन नोट, 2 नोट 50 के तथा बांकी सब 100 के थे।

 

इकट्ठा किया हुआ चंदा पहले लड़के के जेब में रख दिया गया। तीसरे ने कहा जंजीर खींचते हैं, अगर कोई पूछता है तो कह देंगे बूढ़े ने खींचा है, पैसे भी नहीं देने पड़ेंगे।

 

बूढ़े ने हाथ जोड़कर कहा बच्चों मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है, मुझे क्यूं फसा रहे हो? लेकिन नहीं जंजीर खींचा गया। टीटी आया सिपाही के साथ। लड़कों ने एक स्वर में कहा बूढ़े ने जंजीर खींची है। टीटी ने बूढ़े से कह शर्म नहीं आती है इस उम्र ऐसी हरकत करते हुए।

 

बूढ़े ने हाथ जोड़कर कहा साहब! मैंने जंजीर खींची है लेकिन मेरी मजबूरी थी। टीटी ने पूछा क्या मजबूरी थी?

बूढ़े ने कहा मेरे पास केवल 1200 रूपये थे जिसे इन लड़कों ने छीन लिए, और इस पहले लड़के ने अपनी जेब में रखे, जिसमें 200 के 3 नोट, 50 के 2 नोट बांकी सब 100 के हैं।

 

जैसा बूढ़े ने कहा नोट मिलाए गए लड़के के जेब से 1200 रूपया बरामद हुए जिनको वृद्ध को वापस कर दिया गया।

 

पुलिस के साथ जाते समय लड़के ने वृद्ध की घूर कर देखा तो वृद्ध ने सफेद दाढ़ी पर हाथ फेरते हुए कहा बेटा! ये बाल यूं ही सफेद नहीं हुए हैं।

 

तो दोस्तों हमें इस कहानी से यही सीख मिलती है कि हमें कभी किसी बुजुर्गों से उलझने के वजाय उनसे अच्छे व्यवहार करना चाहिए, और मौका मिले तो हमें बुजुर्गों के पास बैठकर उनसे कुछ ज्ञान लेना चाहिए जो हमारे भविष्य को संवारने में मदद करेगा। यही सफल एक जीवन जीने का राज है।

 

तो दोस्तों उम्मीद है आपसबों को ये कहानी बहुत ही पसंद आई होगी।

कहानी पढ़ने के बाद आपको कहानी कैसी लगी मेरे साथ साझा जरूर।

अगर ये कहानी अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर साझा करें, और हमारी सराहना भी करें ताकि मैं मोटिवेट होकर आपसबों के लिए और भी अच्छी अच्छी कहानियां ला सकूं।

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