सनातन धर्म में हर स्त्री को देवी और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है पर इसके साथ ही शास्त्रों में कुछ विशेष लक्षणों वाली सुकन्या के बारे में बताया गया है। हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसे ऐसी पत्नी मिले जिसमें एक अच्छी व सफल गृहणी की सारी खूबियां हों। वह पति,

सनातन धर्म में हर स्त्री को देवी और मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है पर इसके साथ ही शास्त्रों में कुछ विशेष लक्षणों वाली सुकन्या के बारे में बताया गया है। हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसे ऐसी पत्नी मिले जिसमें एक अच्छी व सफल गृहणी की सारी खूबियां हों। वह पति, सास, ससुर, देवर और अन्य रिश्तेदारों के साथ सभी पक्षों को लेकर चले।
ऐसी कन्या बड़ी भाग्यशाली होती है। इनके भाग्य से ना सिर्फ पति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है बल्कि पूरा घर परिवार खुशहाल और धनवान बना रहता है। वैसे तो हर बेटी अपने माता-पिता के लिये लकी ही होती है लेकिन सामुद्रिक शास्त्र में सौभाग्यशाली महिलाओं की कुछ विशेषताएं बतायी गयी हैं।
वैसे तो हर बेटी अपने माता-पिता के लिये लकी ही होती है लेकिन सामुद्रिक शास्त्र में सौभाग्यशाली महिलाओं की कुछ विशेषताएं बतायी गयी हैं। आज हम आपको ऐसी भाग्यशाली सुकन्या की पहचान बता रहे हैं। आइये आपको बताते है, किन गुणों और लक्षणों वाली महिलाए अपने पार्टनर के लिए बेहद लकी होती हैं।
जिन कन्याओं का चेहरा अपने पिता के चेहरे से मिलता-जुलता हो, वे बहुत ही भाग्यशाली होती हैं। इन्हें जीवन में हर वह सुख मिलता हैख् जो वह चाहती है। इसके विपरीत माता से मिलते वाला पुरुष भाग्यशाली माना गया है।
आंखो से व्यक्तित्व के बारे में बहुत कुछ पता चला सकता है। शास्त्रों और ज्योतिष में नेत्र के स्वरूप के आधार पर गुण और भाग्य के बारे में बताया गया है जैसे कि जिन स्त्रियों की आंखें हिरणी के समान और सफेद भाग के अंत में लालिमा लिए होती है वह बड़ी भाग्यशाली और सुख भोग पाने वाली होती है।
जिन कन्याओं का चेहरा गोल, मांसल, चिकना और आकर्षक होता है वह किस्मत वाली होती हैं। नारी के होंठ और जिह्वा का उसके जीवन में बड़ा महत्व है। जिस स्त्री के होंठ गुलाबी हो, जीभ लाल हो और वाणी में मधुरता हो। वह स्त्री स्वंय के साथ-साथ अपने परिवार के सुख का कारण होती है।
जिन युवतियों को शरीर आगे की तरफ हाथी की तरह उठा हुआ होता है,वह सौभाग्यशालिनी होती हैं। ये पति के लिए बेहद लकी होती हैं। जिन लड़कियों का ललाट समतल और सिंदूर लगाने वाला स्थान कुछ उन्नत होता है, वे सौभाग्यवती होती हैं। इनके सुहाग की उम्र लम्बी होती है।
समुद्रशास्त्र के अनुसार जिस स्त्री की नाभि गोल होती है वह गुणवान होती है। आमतौर पर इनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है और यह बुद्घिमान भी होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना रहती है और दयालु होती है। इसलिए यह जहां भी और जिस परिवार में होती है सम्मान पाती है। जिनकी पत्नी ऐसी होती है उनका वैवाहिक जीवन आमतौर पर सुखमय रहता है।
यदि कन्या के बाल भौंरे की तरह काले, मेघमय हों और कुंड के समान मुड़े हों तो यह बड़ा ही शुभ माना जाता है। बाल चिकने, कोमल और मुलायम होना भी उत्तम कन्या की पहचान है। जिन युवतियों की भौंहें एक बराबर दूरी पर हों, सटी हुई नहीं हों और धनुष के समान झुकी हों, वे भाग्यशालिनी होती हैं।
इन लक्षणों वाली लड़कियां होती हैं बेहद भाग्यशाली, चमका देती हैं पति और परिवार की किस्मत
जिस नारी की नाक के अग्र भाग में तिल हो, नाक की बनावट सुन्दर हो और सूंघने की क्षमता अधिक हो। वह महिलायें अपने गुणों के कारण पूजी जाती हैं। उनका जीवन ऐशो-आराम में व्यतीत होता है।
इन लक्षणों वाली लड़कियां होती हैं बेहद भाग्यशाली, चमका देती हैं पति और परिवार की किस्मत
पैरों की अंगुलियां कोमल और आपस में सटी हुई हों तो शुभ होता है। कन्या को देखते समय यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि उसके पैर की कनिष्ठा यानी छोटी अंगुली भूमि को स्पर्श करता हो, वह शुभ होता है। जिन कन्याओं के तलवे मांसल, समतल और पसीने से रहित होते हैं, वे विवाह योग्य उत्तम मानी गई हैं।
गालों पर पड़ने वाले गढ्ढ़े ना सिर्फ चेहरे का आकर्षण बढ़ाते हैं बल्कि ये शुभ भी मान जाते हैं। जिस महिला के हंसते समय गालों में गडढे या डिम्पल पड़ते हो, वह स्त्री तेज-तर्रार, विवेकवान होती है। वह अपनी बुद्धि व क्रिया-कलापों से सबके दिल में जल्द ही अपना स्थान बना लेती है।
चिकने, गोल, उठे हुए और तांबे के समान रंग वाले नाखून शुभ होते हैं। शास्त्रों में वर्णित है कि लंबे बालों वाली महिलाएं पदमनी होती हैं अर्थात उच्च कोटि की होती हैं। लंबे और रेशमी बाल शुभता और सौंदर्य का प्रतीक हैं।
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